Two Line Sad Shayari Hindi | दो लाइन सैड शायरी हिंदी में

Two Line Sad Shayari Hindi | सैड शायरी फॉर वाइफ इन हिंदी | First Love Shayari for Girlfriend in Hindi | दो लाइन सैड शायरी इन हिंदी | Sad Shayari in Hindi text | दो लाइन सैड शायरी हिंदी में…


Two Line Sad Shayari Hindi

हमने तो एक ही शख्स पर चाहत ख़त्म कर दी ..
अब मोहब्बत किसे कहते है मालूम नहीं..

 

खुद से मिलने की भी फुरसत नहीं है अब मुझे,
और वो औरो से मिलने का इलज़ाम लगा रहे है…

 

रोज़ ख्वाबों में जीता हूँ वो ज़िन्दगी …
जो तेरे साथ मैंने हक़ीक़त में सोची थी ..

 

भुला दिया है मुझे ज़ालिम ने आदतन भी मगर,
वो बात कि जिससे याद आऊँ मुझ में थी भी नहीं।

Two Line Sad Shayari Hindi

 

कुछ कर अब मेरा भी इलाज ऐ हकीम-ए-मुहब्बत,
हर रात वो याद आता है और मुझसे सोया नहीं जाता।

 

प्यार हमेशा से ही खूबसूरत रहा है ,
दाग तो उसमें ख्वाइशें लगाती हैं…

 

ज़हर से ज्यादा खतरनाक है ये मोहब्बत….
जरा सा कोई चख ले मर – मर के जीता है।

 

कोशिश तो होती है कि तेरी हर ख़्वाइश पूरी करूँ
पर डर लगता है कि तू ख़्वाइश में कहीं मुझसे जुदाई ना माँग ले।

Short Sad Shayari in Hindi

कौन करता है यहाँ प्यार निभाने के लिये,
दिल तो बस एक खिलौना है जमाने के लिये !!

 

उनकी दुनिया में हम जैसे हजारो हैं !
हम ही पागल है जो उसे पाकर मगरूर हो गए !!

 

ऐ इश्क़…तेरा वकील बन के बुरा किया मैनें,
यहाँ हर शायर तेरे खिलाफ सबूत लिए बैठा हैं…

 

Two Line Sad Shayari Hindi

तुम्हें इतना क्यों चाहा…
इस बारे में सोच कर कभी -कभी
खुद से नफरत हो जाती हैै…

 

नया कुछ भी नहीं हमदम वही आलम पुराना है,
तुम्हें भुलाने की कोशिश है तुम्हीं को याद आना है।

 

रात भर जागता हूँ एक एसे सख्श की खातिर…
जिसको दिन के उजाले मे भी मेरी याद नही आती

 

लोग बदलते नहीं है बस उनकी ज़िन्दगी में
आपसे कोई बेहतर आ जाता है..

Two Line Sad Shayari Hindi

महफूज़ हैं तेरे प्यार के नगमे इस दिल में ,
जब मन करे तो दरवाज़ा खटखटा देना..

 

तेरे ना होने से बस इतनी सी कमी रहती है
मै लाख मुस्कुराउ आखो मे नमी सी रहती है.

 

बहुत मुश्किल से करते हैं तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम ही सही मगर गुजारा हो ही जाता है।

 

कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग
दर्द पढ़ते है और आह तक नहीं करते….

हर रात गुजर रही है रूठने और मनाने में
कहीं साँसें थम ना जाए मेरी… हमारे प्यार को बचाने में.

 

तड़प रहीं हैं मेरी साँसें तुझे महसूस करने को,
खुशबू बनके बिखर जाओ तो कुछ बात बने।

 

जो कभी मेरी उदासी की वजह पूछा करता था,
अब उसको मेरे रोने से भी फर्क नहीं पढ़ता।

 

जनाजा उठा है आज कसमों का मेरी,
एक कन्धा तो तेरे वादों का भी बनता है…

 

बहुत जी चाहता है क़ैद-​ए​-​जाँ से हम निकल जायें​,
तुम्हारी याद भी लेकिन इसी मलबे में रहती है।

कभी यूँ भी हो कि बाज़ी पलट जाए सारी,
उसे याद सताए मेरी और मैं सुकून से सो जाऊं।

 

फ़रियाद कर रही है तरसती हुई निगाहें ,
देखे हुए किसी को ज़माना गुजर गया..

 

बड़ी बरकत है तेरे इश्क़ में जब से हुआ है
और कोई दूसरा दर्द ही नहीं होता..

 

तेरी तो फितरत थी सबसे मुहब्बत करने की,
हम तो बेवजह खुद को खुशनसीब समझने लगेे

तुझे क्या देखा, खुद को ही भूल गए हम इस क़दर
कि अपने ही घर जो आये तो औरों से पता पूछ पूछकर

 

मेरा कत्ल करने की उसकी साजीश तो देखो..
करीब से गुज़री तो चेहरे से पर्दा हटा लिया

 

मेरे चुप रहने से नाराज़ ना हुआ करो…
कहते है टूटे हुए लोग हंमेशा ख़ामोश हुआ करते है ..

दिन छोटे और रातें लम्बी हो गई है ,
मौसम ने यादों का वक़्त बड़ा दिया है।

 

बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी,
पहले पागल किया..
फिर पागल कहा..
फिर पागल समझ कर छोड़ दिया।

 

तुम रख ना सकोगे मेरा तौफ़ा संभालकर;
वरना मैं अभी दे दूं जिस्म से रूह निकाल कर।

Two Line Sad Shayari Hindi

किस जगह रख दूँ मैं तेरी याद के चराग़ को,
कि रोशन भी रहूँ और हथेली भी ना जले।

 

राज ज़ाहिर ना होने दो तो एक बात कहूँ ,,
मैं धीरे- धीरे तेरे बिन मर जाऊँगा ….!!

 

उसकी ये मासूम अदा मुझको बेहद भाती है…
वो मुझसे नाराज़ हो तो गुस्सा सबको दिखाती है…!!

 

मुहब्बत न सही मुकद्दमा ही कर दो मुझ पर……
तारीख़ दर तारीख़ तेरा दीदार तो होगा….

 

किस जगह रख दूँ मैं तेरी याद के चराग़ को,
कि रोशन भी रहूँ और हथेली भी ना जले।

 

काश मेरा घर तेरे घर के करीब होता ……,
बात करना न सही , तुझे देखना तो नसीब होता…….!!

 

तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था,
खबर तो रहती सफ़र तय कितना करना है।

 

लगता है हमारी हथेली में love line है ही नही..
साला बचपन में जलजीरा चाटते चाटते उसको भी साफ कर गयेे

 

नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की,
तेरी यादें, तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती हैं।

 

बस यही आदत उसकी मुझे अच्छी लगाती है जब .युही
नज़रें झुका कर वो कहती है तुम्हे कोई हक नही..

 

थक गया है दिल-ए-वहशी मेरा फ़रियाद से भी,
जी बहलता नहीं ऐ सनम तेरी याद से भी।

 

उसकी याद आई है साँसों जरा अहिस्ता चलो,
धड़कनों से भी इबादत में खलल पड़ता है।