Tuta Dil Shayari in Hindi | दिल टूट जाने वाली शायरी

दिल टूटने पर दर्द शायरी | Tuta Dil Shayari Hindi | Toota Dil Shayari in Hindi | प्यार में दिल टुटा शायरी | Dil Tuta Shayari in Hindi | टूटे दिल की शायरी | Toota Dil Shayari in Hindi

Tuta Dil Shayari in Hindi 

तेरी चौखट से सिर उठाऊं तो बेवफा कहना;
तेरे सिवा किसी और को चाहूँ तो बेवफा कहना;
मेरी वफाओं पे शक है तो खंजर उठा लेना;
शौंक से मर ना जाऊं तो बेवफा कहना।

 

ना जाने क्या सोच कर लहरें साहिल से टकराती हैं;
और फिर समंदर में लौट जाती हैं;
समझ नहीं आता कि किनारों से बेवफाई करती हैं;
या फिर लौट कर समंदर से वफ़ा निभाती हैं।

 

ऐसा नहीं कि आप हमें याद नहीं आते;
माना कि जहाँ के सब रिश्ते निभाये नहीं जाते;
पर जो बस जाते हैं दिल में वो भुलाए नहीं जाते;
बेवफाओं से हर तरह के रिश्ते निभाये नहीं जाते।

 

आँखों से आंसू न निकले तो दर्द बड जाता है,
उसके साथ बिताया हुआ हर पल याद आता है,
शायद वो हमें अभी तक भूल गए होंगे,
मगर अभी भी उसका चेहरा सपनो में नज़र आता है.

 

Tuta Dil Sad Shayari in Hindi 

बेदर्द दुनिया में अभी जीना सीख रहा हूँ,
अभी तो मैं दुखों के जाम पीना सीख रहा हूँ,
कोशिश करूंगा तुम्हे मैं भी भुलाने की,
अभी तो मैं तेरे झूठे वादों को भुलाना सीख रहा हूँ.

 

हर रोज़ पीता हूँ तेरे छोड़ जाने के ग़म में,
वर्ना पीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं,
बहुत याद आते है तेरे साथ बीताये हुये लम्हें,
वर्ना मर मर के जीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं.

 

पल पल उसका साथ निभाते हम;
एक इशारे पर दुनिया छोड़ जाते हम;
समुन्दर के बीच में पहुंचकर फरेब किया उसने;
वो कहता तो किनारे पर ही डूब जाते हम।

 

हर पल कुछ सोचते रहने की आदत गयी है;
हर आहट पे च चौंक जाने की आदत हो गयी है;
तेरे इश्क़ में ऐ बेवफा, हिज्र की रातों के संग;
हमको भी जागते रहने की आदत हो गयी है।

 

Tuta Dil Love Shayari in Hindi 

दो दिलों की धड़कनों में एक साज़ होता है;
सबको अपनी-अपनी मोहब्बत पर नाज़ होता है;
उसमें से हर एक बेवफा नहीं होता;
उसकी बेवफ़ाई के पीछे भी कोई राज होता है!

 

बिखरे हुए दिल ने भी उसके लिए फरियाद मांगी;
मेरी साँसों ने भी हर पल उसकी ख़ुशी मांगी;
जाने क्या मोहब्बत थी उस बेवफ़ा में;
कि मैंने आखिरी फरियाद में भी उनकी वफ़ा मांगी।

 

ना मिलता गम तो बर्बादी के अफसाने कहाँ जाते;
दुनिया अगर होती चमन तो वीराने कहाँ जाते;
चलो अच्छा हुआ अपनों में कोई ग़ैर तो निकला;
सभी अगर अपने होते तो बेगाने कहाँ जाते।

 

यह ना थी हमारी क़िस्मत, कि विसाल-ए-यार होता;
अगर और जीते रहते, यही इंतज़ार होता;
तेरे वादे पर जाएँ हम, तो यह जान झूठ जाना;
कि ख़ुशी से मर ना जाते, अगर ऐतबार होता।

 

Tute Dil ki Shayari in Hindi 

हमसे पूछो क्या होता है पलपल बिताना,
बहुत मुश्किल होता है दिल को समजाना,
यार ज़िंदगी तो बीत जाएगी,
बस मुश्किल होता है कुछ लोगो को भूल पाना.

 

कोई आँसू से लिख देता मोहब्बत की इबारत है,
कोई आँसू से कर देता उस खुदा की ज़ियारत है,
कोई आँसू से दिल में मुक़ाम कर लेता है,
कोई आँसू से मोहब्बत का पैग़ाम भेज देता है.

 

जिल्लत की जिंदगी से अच्छा है शान से मर जाना.
मौत से बदतर है मौत के खौफ से डर जाना ,
जिन्दादिली है जिंदगी को मुस्कुरा के जीना
बुजदिली है दौरे गम में टूटकर बिखर जाना…!!

 

उनसे मिलने को जो सोचों अब वो ज़माना नहीं,
घर भी कैसे जाऊं अब तो कोई बहाना नहीं,
मुझे याद रखना कहीं तुम भुला न देना,
माना के बरसों से तेरी गली में आना-जाना नहीं।

 

Tuta Dil Shayari 2 Line

हमें कोई ग़म नहीं था ग़म-ए-आशिक़ी से पहले,
न थी दुश्मनी किसी से तेरी दोस्ती से पहले,
है ये मेरी बदनसीबी तेरा क्या कुसूर इसमें,
तेरे ग़म ने मार डाला मुझे ज़िन्दग़ी से पहले।

 

तूने नफ़रत से जो देखा है तो याद आया,
कितने रिश्ते तेरी ख़ातिर यूँ ही तोड़ आया हूँ,
कितने धुंधले हैं ये चेहरे जिन्हें अपनाया है,
कितनी उजली थी वो आँखें जिन्हें छोड़ आया हूँ।

 

नया दर्द एक और दिल में जगा कर चला गया,
कल फिर वो मेरे शहर में आकर चला गया,
जिसे ढूंढ़ता रहा मैं लोगों की भीड़ में,
मुझसे वो अपने आप को छुपा कर चला गया।

 

सिलसिला उल्फत का चलता ही रह गया,
दिल चाह में दिलबर के मचलता ही रह गया,
कुछ देर को जल के शमां खामोश हो गई,
परवाना मगर सदियों तक जलता ही रह गया..!!

 

Tuta Dil Shayari in Hindi 

कुछ बातें करके वो हमे रुला के चली गई,
हम न भूलेंगे यह एहसास दिला के चली गई,
आयेगी कब वो अब तो यह देखना है उम्र भर,
बुझ रही है वो आग जिसे वो जला कर चली गई।

 

वो रोए तो बहुत, पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए,
कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए,
मेरे सामने कर दिए मेरे तस्वीर के टुकड़े,
पता चला मेरे पीछे वो उन्हे जोड़ कर रोए.

 

चाँद का क्या कसूर अगर रात बेवफा निकली,
कुछ पल ठहरी और फिर चल निकली,
उन से क्या कहे वो तो सच्चे थे,
शायद हमारी तकदीर ही हमसे खफा निकली.

 

सब कुछ है मेरे पास पर दिल की दवा नहीं;
दूर है वो मुझसे पर मैं उससे ख़फ़ा नहीं;
मालूम है कि वो अब भी प्यार करता है मुझसे;
वो थोड़ा सा ज़िद्दी है मगर बेवफ़ा नहीं।

 

आज फिर घर से निकला हूं
इक तेरी तलाश में बस तेरी ही कमी है।
इन आंखों की प्यास में,
तुझे जाना ही था तो आयी क्यों
हम काट लेते जिंदगानी तेरी आस में।

 

वह शायद इसीलिए रहते है दूर हमसे !!
क्यूंकि उनको अपने हुस्न पर गुरुर होगा !!
मगर याद रखना ऐ दिल तोड़ने वाले !!
की तुमको इसका एहसास जरूर होगा !!