150+ Nafrat Shayari in Hindi | नफरत शायरी हिंदी मे.!

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Nafrat Shayari in Hindi

तेरी नफरतों को प्यार की खुशबु बना देता
मेरे बस में अगर होता तुझे उर्दू सीखा देता।

जब चाहा उसने अपना बनाया मुझे
मन भरने पर उसने ठुकराया मुझे
गुस्सा आता था सिर्फ उसके झूठे प्यार पर
अब नफरत करना उसने सिखाया मुझे !!

क़त्ल तो लाजिम है इस बेवफा शहर में
जिसे देखो दिल में नफरत लिये फिरता है !!

उसे प्यार का एहसास दिलाने के लिए
मेरा सब कुछ खो गया
पर नफरत तो सिर्फ दिखाई थी
न जाने ब्रेकअप कैसे हो गया __!!

 

नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने ही किरदार से
अगर मैं तेरे ही अंदाज में तुझसे बात करुं !!

इस टूटे दिल में अब कभी कोई और नहीं होगा
तुमसे नफ़रत के बाद अब कोई दिलदार नहीं होगा !!

नफरत का वार मुझ पर ज़ोर से मारना क्योंकि
नफरत मुझसे टकराकर प्यार में बदल जाती है !!

 

लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है
नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है !!

कुछ इस अदा से निभाना है किरदार मेरा मुझको
जिन्हें मुहब्बत ना हो मुझसे वो नफरत भी ना कर सके !!

कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था
सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था
सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है!

बैठकर सोचते हैं अब कि क्या खोया क्या पाया
उनकी नफरत ने तोड़े बहुत मेरी वफ़ा के घर।

खुदा सलामत रखना उन्हें जो हमसे नफरत करते हैं
प्यार न सही नफरत ही सही
कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं।

कुछ लोग तो मुजसे सिर्फ इसलिए भी नफरत करते हैं
क्योंकि बहुत सारे लोग मुझसे प्यार करते हैं!

वो नफरतें पाले रहे हम प्यार निभाते रहे लो ये जिंदगी
भी कट गयी खाली हाथ सी।

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हाँ मुझे रस्म ए मोहब्बत का सलीक़ा ही नहीं
जा किसी और का होने की इजाज़त है तुझे।

तुम्हे पता था की मुझे तोड़ना इतना आसान नहीं
इसलिए तुमने प्यार का फ़रेबी खेल खेला मेरे साथ !!

नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने ही किरदार से
अगर मैं तेरे ही अंदाज में तुझसे बात करुं।

तेरी नफरतों को प्यार की खुशबु बना देता
मेरे बस में अगर होता तुझे उर्दू सीखा देता।

इश्क़ या खुदा को दिल में बसा लो दिल से
नफरत हमेशा के लिए खत्म हो जायेगी।

तुझे प्यार भी तेरी औकात से ज्यादा किया था
अब बात नफरत की है तो नफरत ही सही!

तुझे प्यार भी तेरी औकात से ज्यादा किया था
अब बात नफरत की है तो नफरत ही सही!

 

नफरत करने वाले भी गज़ब का प्यार करते हैं
मुझसे जब भी मिलते हैं कहते हैं कि तुझे छोड़ेंगे नहीं ।

किसी ने मुझसे पूछा तुम्हारा शौक क्या है मैने हंस
कर कहा नफरत करने वालों से मोहब्बत करना !

देख कर उसको तेरा यूँ पलट जाना नफरत बता रही है
तूने मोहब्बत गज़ब की की थी!

 

मुझसे नफरत करने वाले भी कमाल का हुनर रखते हैं
मुझे देखना तक नहीं चाहते लेकिन नजर मुझपर ही रखते हैं।

उसने नफ़रत से जो देखा है तो याद आया
कितने रिश्ते उसकी ख़ातिर यूँ ही तोड़ आया हूँ
कितने धुंधले हैं ये चेहरे जिन्हें अपनाया है
कितनी उजली थी वो आँखें जिन्हें छोड़ आया हूँ।

वो वक़्त गुजर गया जब मुझे तेरी आरज़ू थी
अब तू खुदा भी बन जाए तो मैं सज़दा न करूँ।

चाह कर भी मुँह फेर नहीं पा रहे हो
नफरत करते हो या इश्क निभा रहे हो!

कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था
सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था
सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है
जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था!

मोहब्बत करने से फुरसत नहीं मिली दोस्तो
वरना हम करके बताते नफरत किसको कहते हैं।

 

न मोहब्बत संभाली गई न नफरतें पाली गईं
अफसोस है उस जिंदगी का जो तेरे पीछे खाली गई।

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तुम नफरत का धरना कयामत तक जारी रखो
मैं प्यार का इस्तीफा जिंदगी भर नहीं दूंगा।

ज्यादा कुछ नहीं बदला उनके और मेरे बीच में
पहले नफरत नहीं थी अब मोहब्बत नहीं हैं।

जो आदमी लिमिट में रहता हैं
वो ज़िन्दगी भर लिमिट में ही रह जाता हैं!

देखना मेरी तुम्हारी नफरतों में खाख ना हो जाए सबकुछ
हम दोनो को भी आखिर में रहना तो है इसी बस्ती में।

कैसे उन्हें भुलाऊँ मोहब्बत जिन्हों ने की
मुझ को तो वो भी याद हैं नफ़रत जिन्हों ने की!

अजीब सी आदत और गजब की फितरत है मेरी
मोहब्बत हो कि नफरत हो बहुत शिद्दत से करता हूं!

पूरी दुनिया नफरतों की आग में जल रही है
फिर भी ना जाने क्यों लोगों को ठंड लग रही है।

ग़ज़ब की एकता देखी लोगों की ज़माने में
ज़िन्दों को गिराने मुर्दों को उठाने में!!

प्यार करता हूँ इसलिए फ़िक्र करता हूँ
जो नफ़रत करता तो तेरा जिक्र तक न करता।

मुझे ऑनलाइन देखते ही तेरा ऑफलाइन हो जाना
उफ़ यह तेरी डिजिटल नफरत!

जो मुझसे नफरत करते हैं शौक से करें।
हर शख्स को मैं अपनी मोहब्बत के काबिल नहीं समझती।।

नफरतों को जलाओ मोहोब्बत की रौशनी होगी
वरना इंसान जब भी जले हैं ख़ाक ही हुए है!

हमसे नफरत तभी करना जब आप हमारे बारे
मैं जानते हो तब नहीं जब किसी से सुना हो।

नफरत हमने सीखी नही कभी दिल से।
हम तो बस मौहब्बत ही रखते है हर किसी से।।

ना जाने क्यु कोसते है लोग बदसुरती को
बरबाद करने वाले तो हसीन चेहरे होते है

हाथ में खंजर ही नहीं आंखो मे पानी भी चाहिए
ऐ खुदा मुझे दुश्मन भी खानदानी चाहिए!

नाराजगी डर नफरत या फिर प्यार।
कुछ तो जरुर है जो तुम मुझसे दूर दूर रहते हो।।

इसी लिए तो बच्चों पे नूर सा बरसता है
शरारतें करते हैं साजिशें तो नहीं करते!

है खबर अच्छी के आजा मुँह तेरा मीठा करें
नफरतें तेरी हुई हैं बा खुशी दिल को कबूल।

अगर हमारी उल्फतों से तंग आ जाओ तो बता देना
हमें नफरत तो गवारा है मगर दिखावे की मोहब्बत नहीं।

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हमें भुलाकर सोना तो तेरी आदत ही बन गई है ऐ सनम
किसी दिन हम सो गए तो तुझे नींद से नफ़रत हो जायेगी

नफरत मत करना मुझसे मुझे अच्छा ना लगेगा
बस प्यार से कह देना तेरी अब जरुरत नहीं है।

हमें बर्बाद करना है तो हमसे प्यार करो
नफरत करोगे तो खुद बर्बाद हो जाओगे।

 

हक़ से दो तो तुम्हारी नफरत भी कबूल हमें।
खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भीन लें।।

ये मोहब्बत है या नफरत कोई इतना तो समझाए
कभी मैं दिल से लड़ता हूँ कभी दिल मुझ से लड़ता है!

एक नफरत ही है जिसे दुनिया चंद लम्हों मैं जान लेती है
वरना चाहत का यकीन दिलाने में तो ज़िन्दगी बीत जाती है!

हंसने के बाद क्यों रुलाती है दुनियां
जाने के बाद क्यों भुला देती है ये दुनियां
जिंदगी में क्या कोई कसर बाकी थी
जो मरने के बाद भी जला देती है ये दुनियां!

नफरत करोगे तो अधुरा किस्सा हूँ मैं
मोहब्बत करोगे तो तुम्हारा ही हिस्सा हूँ में!

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत
रखना ज़रा से भी चुके तो मोहब्बत हो जाएगी!

जिसके अहंकार पुरखो की कमाई पर पले है
आज वो हमसे नफरत की लड़ाई जीतने चले है!

होते हैं शायद नफरत में ही पाकींजा रिश्तें वरना अब
तो तन से लिबास उतारने को लोग मोहब्बत कहते हैं !!

कदर करनी है तो जीते जी करो अरथी उठाते
वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते है!

छोटी सी इस कहानी को एक और फ़साना मिल गया
उनको हमसे नफ़रत का एक और बहाना मिल गया!

तुम्हारी नफरत पर भी लुटा दी ज़िन्दगी हमने
सोचो अगर तुम मुहब्बत करते तो हम क्या करते!

मेरे दिल को यु कैद ना कर ए पगली
दिल के नवाब हेए तेरे पिंजरे के पंछी नही!

उसकी नफरतों को धार किसने दी
महबूब के हाथों तलवार किसने दी!

वो लोग अपने आप में कितने अज़ीम थे
जो अपने दुश्मनों से भी नफ़रत न कर सके!

जिस क़दर नफ़रत बढ़ाई उतनी ही क़ुर्बत बढ़ी
अब जो महफ़िल में नहीं है वो तुम्हारे दिल में है!

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