Dooriyan Shayari in Hindi | 200+ दूरियाँ शायरी हिंदी में

आज की इस पोस्ट दूरियाँ शायरी, फासले शायरी, Dooriyan Shayari in Hindi में आपके साथ शेयर करेंगे कुछ चुनिंदा बेवफा शायरी, दूरी पर बेहतरीन शायरी। आप इन बेहतरीन शायरी को Whatsapp Fb पर शेयर कर सकते है।

अगर आप अपने चाहने वालों से दूर हैं और दूरियाँ शायरी इन हिंदी इंटरनेट पर सर्च कर रहे है  तो उन्हें अपने दिल का हाल इन शायरी के माध्यम से जरूर बताएं. इसमें दूरियों पर बेहतरीन शायरी दी गयी हैं।

Dooriyan Shayari in Hindi

तेरे लिए खुद को मजबूर कर लिया,
जख्मो को अपने हमने नासूर कर लिया,
मेरे दिल में क्या था ये जाने बिना,
तूने खुद को हमसे कितना दूर कर लिया।

 

उनकी गलियों की हवा हर दर्द की दवा बन गयी,
दूरी उनसे मेरी चाहत की सज़ा बन गयी,
कैसे भूलूँ उन्हें एक पल के लिए,
उनकी याद तोह जीने की वजह बन गयी।

 

बिन बताये उसने न जाने क्यों ये दूरी कर दी,
बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी,
मेरे मुकद्दर में घूम आये तो क्या हुआ,
खुदा ने उसकी ख्वाइश तो पूरी कर दी।

 

Dooriyan Shayari in Hindi

एक सिल-सिले की उम्मीद थी जिनसे,
वही फ़ासले बनाते गये।
हम तो पास आने की कोशिश में थे,
ना जाने क्यूँ वो हमसे दूरियाँ बढ़ाते गये।

 

ये दूरी हमसे अब और सही नहीं जाती,
बस तेरे पास आने को मेरा जी चाहता है,
तोड़ कर सारी दुनिया कि रस्मो-रिवाजों को,
तुझे अपना बनाने को जी चाहता है।

 

दूर रहना आपका हमसे सहा नहीं जाता,
जुदा होके आपसे हमसे रहा नहीं जाता,
अब तो वापस लौट आइये हमारे पास,
दिल का हाल अब किसी से कहा नहीं जाता।

 

दूरियों से फर्क पड़ता नहीं,
बात तो दिलों कि नज़दीकियों से होती है,
दोस्ती तो कुछ आप जैसो से है,
वरना मुलाकात तो जाने कितनों से होती है।

Dooriyan Shayari in Hindi

एक उम्र भर की जुदाई मेरा नसीब करके,
वो तो चला गया है बातें अजीब करके,
तर्ज़-ए-वफ़ा को उसकी क्या नाम दूँ मैं अब,
खुद दूर हो गया है मुझको करीब करके।

 

दूरिओं से रिश्तों में फर्क नहीं पड़ता,
बात तो दिल की नजदीकियों की होती है,
पास रहने से भी रिश्ते नहीं बन पाते,
वरना मुलाकात तो रोज कितनों से होती है।

 

मेरे दिल को अगर तेरा एहसास नहीं होता,
तू दूर रह कर भी यूं मेरे पास नहीं होता,
इस दिल में तेरी चाहत ऐसे बसा ली है,
एक लम्हा भी तुझ बिन ख़ास नहीं होता।

 

उसने मुझसे ना जाने क्यों ये दूरी कर ली,
बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी,
मेरे मुकद्दर में दर्द आया तो क्या हुआ,
खुदा ने उसकी ख्वाहिश तो पूरी कर दी।

 

Dooriyan Shayari in Hindi

तुझसे दूरी का एहसास सताने लगा,
तेरे साथ गुज़रा हर पल याद आने लगा,
जब भी कोशिश की तुझे भूलने की,
तू और ज्यादा दिल के करीब आने लगा।

 

मेरी गुफ्तगू के हर अंदाज़ को समझता है,
एक वही है जो मुझपे ऐतबार रखता है,
दूर हो के भी मुझ से है वो इतना करीब,
ऐसा लगता है मेरे आस-पास रहता है।

 

कदमों की दूरी से दिलों के फैसले नहीं बढ़ते,
दूर होने से दिल के एहसास नहीं मरते,
कुछ कदमों का फासला ही सही हमारे बीच,
लेकिन ऐसा कोई पल नहीं जब हम आपको
याद नहीं करते।

 

न जाने कब इस दिल की मन्नत पूरी होगी,
कब मिटेगें फासले और दूर ये दूरी होगी,
दूर रहने की कौन सी ऐसी मज़बूरी होगी,
बिना उसके ज़िन्दगी यकीनन अधूरी होगी।

 

दूर रह कर करीब रहने की आदत है,
याद बन के आँखों से बहने की आदत है,
करीब न होते हुए भी करीब पाओगे,
मुझे एहसास बनकर रहने कि आदत है।

 

2 Line Shayari on Dooriyan

खुद के लिए इक सजा मुकर्र कर ली मैंने,
तेरी खुशियों की खातिर तुझसे दूरियां चुन ली मैंने।

 

तेरा मेरा दिल का रिश्ता भी अजीब है,
मीलों की दूरियां है और धड़कन करीब है।

 

मोहब्बत में फासले भी जरूरी है साहब,
जितनी दूरी उतना ही गहरा रंग चढ़ता है।

 

दूरियाँ जब भी बढ़ी तो गलतफहमियां भी बढ़ गयी,
फिर तुमने वो भी सुना जो मैंने कहा ही नही।

 

मुझसे दूरियाँ बनाकर तो देखो,
फिर पता चलेगा कितना नज़दीक हूँ मैं।

 

कितना अजीब है ये फलसफा जिंदगी का,
दूरियाँ बताती हैं नजदीकियों की कीमत।

 

ज़रा क़रीब आओ तो शायद हमें समझ पाओ,
यह दूरियां तो सिर्फ गलत-फहमियां बढ़ाती हैं।

 

मुझसे मिलने को करता था बहाने कितने,
अब मेरे बिना गुजारेगा वो जमाने कितने।

 

तुम कितने दूर हो मुझसे मैं कितना पास हूँ तुमसे,
तुम्हें पाना भी नामुमकिन तुम्हें खोना भी नामुमकिन।

 

मुझको तेरे सलाम से शिकवा नहीं मगर,
बेरुखी के साथ हो बस दूर का न हो।

 

2 Line Shayari on Dooriyan

ये दूरियाँ तो मिटा दूँ मैं एक पल में मगर,
कभी कदम नहीं चलते कभी रास्ते नहीं मिलते।

 

तुझसे दूर रहकर कुछ यूँ वक़्त गुजारा मैंने,
ना होंठ हिले फिर भी तुझे पल-पल पुकारा मैंने।

 

तेरे वज़ूद की खुशबू बसी है मेरी साँसों में,
ये और बात है कि नजर से दूर रहते हो तुम।

 

वो हैं खफा हमसे या हम हैं खफा उनसे,
बस इसी कशमकश में दूरियाँ बढ़ती रहीं।

 

इतनी दूरियाँ ना बढ़ाओ थोड़ा सा याद ही कर लिया करो,
कहीं ऐसा ना हो कि तुम-बिन जीने की आदत सी हो जाए।

 

दूरी ने कर दिया है तुझे और भी करीब,
तेरा ख़याल आ कर न जाये तो क्या करें।

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