Bewafa Shayari with Image | बेवफा शायरी इन उर्दू [ एकदम नयी ]

Bewafa Shayari with Image

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Bewafa Shayari with Image

अब के अब तस्लीम कर लें तू नहीं तो मैं सही,
कौन मानेगा कि हम में से बेवफा कोई नहीं।

 

हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला,
हम को जो भी मिला बेवफा यार मिला,
अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी,
हर कोई मकसद का तलबगार मिला।

 

मैं रोकना ही नहीं चाहता था वार उस का,
गिरी नहीं मेरे हाथों से ढाल वैसे ही।

 

इतनी मुश्किल भी ना थी राह मेरी मोहब्बत की,
कुछ ज़माना खिलाफ हुआ कुछ वो बेवफा हो गए।

 

चला था ज़िकर ज़माने की बेवफाई का,
सो आ गया है तुम्हारा ख्याल वैसे ही।

 

चाहते हैं वो हर रोज़ नया चाहने वाला.
ऐ खुदा मुझे रोज़ इक नई सूरत दे दे।

 

कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी,
कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी,
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,
आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी।

 

तेरी तो फितरत थी सबसे मोहब्बत करने की,
हम बेवजह खुद को खुशनसीब समझने लगे।

 

कैसे यकीन करें हम तेरी मोहब्बत का,
जब बिकती है बेवफाई तेरे ही नाम से।

 

अब देखिये तो किस की जान जाती है,
मैंने उसकी और उसने मेरी कसम खायी है।

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Bewafa Shayari with Image

जो हुकुम करता है वो इल्तज़ा भी करता है,
आसमान भी कहीं जाकर झुका करता है,
और तू बेवफा है तो ये खबर भी सुन ले,
इन्तज़ार मेरा कोई वहाँ भी करता है।

 

इलाही क्यूँ नहीं उठती क़यामत माजरा क्या है,
हमारे सामने पहलू में वो दुश्मन के बैठे हैं।

 

रोये कुछ इस तरह से मेरे जिस्म से लग के वो,
ऐसा लगा कि जैसे कभी बेवफा न थे वो।

 

कुछ तो बेवफाई है मुझ में भी,
जो अब तक जिंदा हूँ तेरे बग़ैर।

 

इंसान के कंधों पर इंसान जा रहा था,
कफ़न में लिपटा अरमान जा रहा था,
जिसे भी मिली बेवफ़ाई मोहब्बत में,
वफ़ा की तलाश में श्मशान जा रहा था।

 

मुद्दतें गुजरी और तेरी याद भी न आई,
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं।

 

कुछ अलग ही करना है तो वफ़ा करो दोस्त,
बेवफाई तो सबने की है मज़बूरी के नाम पर।

 

रहने दे ये किताब तेरे काम की नहीं,
इस में लिखे हुए हैं वफाओं के तज़करे।

 

समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से
अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी।

 

अगले बरसों कि तरह होंगे करीने तेरे,
किसे मालुम नहीं बारह महीने तेरे।

 

Bewafa Shayari with Image

महफ़िल में गले मिल के वो धीरे से कह गए,
ये दुनिया की रस्म है मोहब्बत न समझ लेना।

 

मेरी वफा के क़ाबिल नही हो तुम,
प्यार मिले ऐसे इन्सान नही हो तुम,
दिल क्या तुम पर ऐतबार करेगा,
प्यार मे धोखा दिया ऐसे बेवफा हो तुम।

 

बंद कर देना खुली आँखों को मेरी आ के तुम,
अक्स तेरा देख कर कह दे न कोई बेवफा।

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मेरे फन को तराशा है सभी के नेक इरादों ने,
किसी की बेवफाई ने किसी के झूठे वादों ने।

 

तेरी मोहब्बत ने दिया सुकून इतना,
कि तेरे बाद कोई अच्छा न लगे,
तुझे करनी है बेवफ़ाई तो इस अदा से कर,
कि तेरे बाद कोई भी बेवफ़ा न लगे।

 

मुझे शिकवा नहीं कुछ बेवफ़ाई का तेरी हरगिज़,
गिला तो तब हो अगर तूने किसी से निभाई हो।

 

हो सके तो मुड़ कर देख लेना जाते जाते,
तेरे आने के भरम में ज़िन्दगी गुज़ार लेंगे।

 

इस दुनिया में वफ़ा करने वालों की कमी नहीं,
बस प्यार ही उससे हो जाता है जो बेवफा हो।

 

वो सुना रहे थे अपनी वफाओ के किस्से,
हम पर नज़र पड़ी तो खामोश हो गए।

 

जाते-जाते उसके आखिरी अल्फाज़ यही थे,
जी सको तो जी लेना मर जाओ तो बेहतर है।

 

Bewafa Shayari with Photo

रात की गहराई आँखों में उतर आई,
कुछ ख्वाब थे और कुछ मेरी तन्हाई,
ये जो पलकों से बह रहे हैं हल्के हल्के,
कुछ तो मजबूरी थी कुछ तेरी बेवफाई।

 

हर भूल तेरी माफ़ की तेरी हर खता को भुला दिया,
गम है कि मेरे प्यार का तूने बेवफाई सिला दिया।

 

न कोई मज़बूरी है न तो लाचारी है,
बेवफाई उसकी पैदायशी बीमारी है।

 

कोई नहीं याद रखता वफ़ा करने वालों को,
मेरी मानो बेवफा हो लो जमाना याद रखेगा।

 

जिसको तुम भूल गए याद करे कौन उसे,
जिसे तुम याद हो वो याद किसको करे।

 

उसने महबूब ही तो बदला है फिर ताज्जुब कैसा,
दुआ कबूल ना हो तो लोग खुदा तक बदल लेते है।

 

उँगलियाँ आज भी इसी सोच में गुम हैं,
कि कैसे उसने नए हाथ को थामा होगा।

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वाकिफ तो थे तेरी बेवफ़ाई की आदत से,
चाहा इसलिए कि तेरी फितरत बदल जाये।

 

हम जमाने में यूँ ही बेवफ़ा मशहूर हो गये दोस्त,
हजारों चाहने वाले थे किस-किस से वफ़ा करते।

 

जा तुझ को तेरे हाल पे छोड़ा,
इस से बेहतर तेरी सजा भी क्या है।

 

Bewafa Shayari with Image

कभी फुर्सत मिले तो इतना जरुर बताना।
वो कौन सी मोहब्बत थी? जो हम तुम्हें दे ना सकें।

 

खुदा ने पूछा क्या सज़ा दूँ उस बेवफ़ा को,
दिल ने कहा मोहब्बत हो जाए उसे भी।

 

मिल ही जाएगा कोई ना कोई टूट के चाहने वाला,
अब शहर का शहर तो बेवफा हो नहीं सकता।

 

हमसे न करिये बातें यूँ बेरुखी से सनम,
होने लगे तो कुछ कुछ बेवफा से तुम।

 

मेरी वफा फरेब थी मेरी वफा पे खाक डाल ।
तुझसा ही कोई बावफा तुझको मिले खुदा करे।

 

कैसे बुरा कह दूँ तेरी बेवफाई को,
यही तो है जिसने मुझे मशहूर किया है।

 

सिर्फ एक ही बात सीखी इन हुस्न वालों से हमने​​,
​हसीन जिसकी जितनी अदा है वो उतना ही बेवफा है।

 

दिल भी गुस्ताख हो चला था बहुत,
शुक्र है की यार ही बेवफा निकला।

 

हम तो जल गये उसकी मोहब्बत में मोमकी तरह,
फिर भी कोई बेवफा कहे तो उसकी वफ़ा को सलाम।

 

Bewafa Shayari with Photo

इंतजार हम सारी ऊम्र कर लेंगे
बस खूदा करे तू बेवफा न निकले।

उसे बेवफा कहेंगे तो,
अपनी ही नजर में गिर जाएंगे हम।
वो प्यार भी अपना था और, वो पसंद भी अपनी थी।

 

इतना न याद आओ कि खुद को तुम समझ बैठूं,
मुझे अहसास रहने दो मेरी अपनी भी हस्ती है।

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